21वें गाजरघास जागरूकता सप्ताह, 2026 की शुरुआत 16 अगस्त 2026 को रामचंद्र मिशन आश्रम, जबलपुर में 200 से अधिक लोगों की उत्साहपूर्ण सहभागिता के साथ हुई, जिसमें रामचंद्र मिशन संगठन, मध्य भारत के समन्वयक एवं सह-समन्वयक सहित अन्य प्रतिभागी शामिल हुए। जबकि, सप्ताह का औपचारिक उद्घाटन 17 अगस्त 2026 को भा.कृ.अनु.प.-खरपतवार अनुसंधान निदेशालय, जबलपुर में किया गया।
औपचारिक उद्घाटन कार्यक्रम की शुरुआत जागरूकता रैली से हुई, जिसमें विंग्स कॉन्वेंट स्कूल के लगभग 250 विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा पार्थेनियम के प्रबंधन और कृषि, स्वास्थ्य, जैव विविधता एवं पर्यावरण पर इसके हानिकारक प्रभावों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। डॉ. पी. के. मिश्रा, माननीय कुलपति, जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर, मुख्य अतिथि तथा श्री राजीव सिंह, निदेशक, विंग्स कॉन्वेंट स्कूल, विशिष्ट अतिथि रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. जे. एस. मिश्र, निदेशक, भा.कृ.अनु.प.–ख. अनु. नि., जबलपुर ने की तथा डॉ. पी. के. सिंह, अध्यक्ष, गाजरघास जागरूकता सप्ताह, 2026 की उपस्थिति रही। कार्यक्रम में लगभग 120 वैज्ञानिकों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विद्यालय के सदस्यों ने सहभागिता की।
अपने संबोधन में डॉ. पी. के. मिश्रा ने गाजरघास के प्रभावी एवं दीर्घकालिक प्रबंधन के लिए “जन सहयोग और जन भागीदारी” पर जोर दिया। श्री राजीव सिंह ने पर्यावरणीय जागरूकता एवं सामुदायिक सहभागिता में विद्यालयों और हितधारकों की भूमिका को रेखांकित किया। डॉ. जे. एस. मिश्र ने सभी हितधारकों के समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया, जबकि डॉ. पी. के. सिंह ने गाजरघास जागरूकता सप्ताह, 2026 की गतिविधियों तथा Zygogramma bicolorata के माध्यम से जैविक नियंत्रण सहित एकीकृत प्रबंधन पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. अर्चना अनोखे, डॉ. दीपक पवार, डॉ. जे. के. सोनी, डॉ. दीक्षा एम. जी., डॉ. सहदेव आई. के. एवं श्री एम. के. मीणा का सक्रिय सहयोग रहा। विद्यार्थियों, शिक्षकों, वैज्ञानिकों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं समुदाय की सहभागिता ने गाजरघास-मुक्त एवं पर्यावरणीय रूप से सतत समाज की दिशा में सामूहिक प्रयासों के महत्व को रेखांकित किया।