21वें गाजरघास जागरूकता सप्ताह 2026 के अंतर्गत खरपतवार अनुसंधान निदेशालय, जबलपुर एवं कृषि विज्ञान केंद्र, जबलपुर के संयुक्त तत्वावधान में आज 19 अगस्त 2026 को कृषि विज्ञान केंद्र, जबलपुर में गाजरघास प्रबंधन हेतु जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों, छात्रों , इनपुट डीलरों एवं आमजन को गाजरघास के हानिकारक प्रभावों तथा इसके प्रभावी एवं वैज्ञानिक प्रबंधन उपायों के प्रति जागरूक करना और इसके नियंत्रण में सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम में लगभग 100 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम में डॉ. टी. आर. शर्मा, निदेशक, प्रसार सेवाएँ, जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर तथा डॉ. रश्मि शुक्ला, कार्यक्रम समन्वयक एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र, जबलपुर की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में गाजरघास जागरूकता सप्ताह 2026 के अध्यक्ष, डॉ. पी. के. सिंह ने गाजरघास के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने गाजरघास के कृषि उत्पादन, मानव स्वास्थ्य, पशुधन एवं पर्यावरण पर पड़ने वाले हानिकारक प्रभावों के साथ-साथ इसके प्रभावी प्रबंधन के लिए यांत्रिक, सस्य, रासायनिक एवं जैविक उपायों के समन्वित उपयोग की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने गाजरघास के प्रभावी नियंत्रण के लिए वैज्ञानिक प्रबंधन के साथ जन-जागरूकता, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं सामुदायिक सहभागिता पर जोर देते हुए प्रतिभागियों से अपने क्षेत्रों में इसके प्रति व्यापक जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। डॉ. टी. आर. शर्मा ने अपने संबोधन में गाजरघास के प्रभावी प्रबंधन के लिए वैज्ञानिक तकनीकों को किसानों एवं ग्रामीण समुदाय तक पहुंचाने तथा जनभागीदारी को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि गाजरघास के नियंत्रण के लिए समय पर किए गए सामूहिक प्रयास इसके प्रसार को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को मैक्सिकन बीटल के जीवंत नमूनों का प्रदर्शन एवं जैविक नियंत्रण में उपयोग की जानकारी दी गई तथा अभ्यर्थियों एवं केवीके स्टाफ को प्रभावित क्षेत्रों में इसके उपयोग हेतु बीटल उपलब्ध कराए गए। इस अवसर पर प्रतिभागियों ने गाजरघास के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने तथा इसके प्रबंधन में व्यक्तिगत एवं सामुदायिक स्तर पर सक्रिय सहभागिता का संकल्प लिया। इस अवसर पर डॉ. अर्चना अनोखे, डॉ. जे. के. सोनी, डॉ. दीक्षा एम. जी., डॉ. सहदेव आई. के., श्री एम. के. मीणा सहित कृषि विज्ञान केंद्र, जबलपुर के वैज्ञानिक एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता के साथ संपन्न इस जागरूकता अभियान ने गाजरघास के प्रभावी एवं समन्वित प्रबंधन तथा गाजरघास-मुक्त समाज के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयासों को और मजबूत करने का संदेश दिया।