भा.कृ.अनु.प.-खरपतवार अनुसंधान निदेशालय, जबलपुर में हिन्दी दिवस मनाया गया। डॉ. जे.एस. मिश्र, निदेशक/अध्यक्ष राजभाषा कार्यान्वयन समिति, डॉ. पी.के. सिंह, सह-अध्यक्ष रा.का. समिति, डॉ. वी.के. चौधरी, डॉ. योगिता घरडे, सदस्य राजभाषा कार्यान्वयन समिति एवं श्री मुकेश कुमार मीणा, प्रभारी राजभाषा द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर निदेशालय के निदेशक डॉ. जे.एस. मिश्र ने सभागार में उपस्थित सभी अधिकारियों/कर्मचारियों को राजभाषा प्रतिज्ञा दिलाई एवं माननीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री महोदय के संदेश का वाचन किया एवं महानिदेशक, भा.कृ.अनु. परिषद द्वारा जारी अपील का भी वाचन किया। डॉ. मिश्र ने अपने संबोधन में कहां कि आज हिन्दी का स्वरूप निरंतर विस्तृत हो रहा है। शिक्षा, प्रशासन, साहित्य, पत्रकारिता, सिनेमा, विज्ञान, तकनीक और डिजिटल माध्यमों में हिंदी का प्रयोग तेजी से बढ़ रहा है। इंटरनेट और सोशल मीडिया ने हिन्दी को दुनिया के विभिन्न हिस्सों तक पहुँचाने का नया अवसर प्रदान किया है।
डॉ. पी.के. सिंह, सह-अध्यक्ष राजभाषा कार्यान्वयन समिति ने सर्वप्रथम हिन्दी दिवस की सभी को शुभकामनाएं दी एवं हिन्दी सप्ताह के दौरान संस्थान के सभी कर्मियों के लिए आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओ की विस्तृत जानकारी दी और सभी प्रतियोगिताओं में अधिक से अधिक संख्या में सम्मिलित होने हेतु प्रेरित किया। डॉ. सिंह ने अपने उद्बोधन में कहां कि हिंदी केवल भावनाओं की भाषा नही है आधुनिक युग में हिन्दी ज्ञान, विज्ञान, तकनीक, प्रशासन और रोजगार की प्रभावशाली भाषा बनकर उभर रही है। हमें किसी भाषा के विरोध में नहीं, बल्कि बहुभाषिक भारत की भावना के साथ हिन्दी के विकास के लिए कार्य करना है।
प्रभारी राजभाषा ने अपने संबोधन में कहां हिंदी का वास्तविक सम्मान तभी होगा, जब हम अपने दैनिक कार्यो में हिंदी के प्रयोग को बढ़ाएंगे। कार्यालयीन कार्यो में सरल एवं सहज हिंदी का प्रयोग करेंगे, अपने बच्चों को हिंदी पढ़ने और लिखने के लिए प्रेरित करेंगे तथा वैज्ञानिक तकनीक और आधुनिक ज्ञान के क्षेत्र में हिंदी को और अधिक सक्षम बनाएंगे। कार्यक्रम में निदेशालय के सभी अधिकारियों/कर्मचारियों ने भाग लेते हुये वर्षभर अपने कार्यालयीन कार्य हिन्दी में अधिक से अधिक करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन श्री मुकेश कुमार मीणा, प्रभारी राजभाषा द्वारा किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में कार्यान्वयन समिति के सदस्यों ने विशेष सहयोग प्रदान किया गया।