भा.कृ.अनु.प.-खरपतवार अनुसंधान निदेशालय, जबलपुर में दिनांक 23-29 सितंबर 2026 हिंदी सप्ताह के अंतर्गत आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों एवं प्रतियोगिताओं का समापन समारोह उत्साहपूर्वक आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. (डॉ.) वेद प्रकाश नारंग, विभागाध्यक्ष (हिंदी), होम साइंस एंड साइंस काॅलेज, जबलपुर उपस्थित रहे। हिंदी के प्रचार-प्रसार एवं राजभाषा के अधिकाधिक प्रयोग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 23 से 29 सितंबर, 2026 तक विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं गतिविधियों का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर निदेशालय के हिंदी प्रकाशनों ‘तृण संदेश’ एवं ‘खरपतवार समाचार’ तथा विस्तार पत्रिका का विमोचन भी किया गया। मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) वेद प्रकाश नारंग ने अपने संबोधन में हिंदी के ऐतिहासिक एवं साहित्यिक विकास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी आदिकाल से ही जनमानस की भाषा रही है। उन्होंने हिंदी साहित्य के स्वर्णिम भक्तिकाल का उल्लेख करते हुए सूरदास एवं कबीरदास जैसे महान कवियों की रचनाओं और हिंदी के समृद्ध साहित्यिक इतिहास पर प्रकाश डाला।
निदेशक डॉ. जे.एस. मिश्र ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि “हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध विरासत है, जिसे संरक्षित एवं संवर्धित करना हमारा दायित्व है।” उन्होंने कहा कि हिंदी की मौलिकता, वैज्ञानिकता, सरलता एवं सहजता के साथ-साथ अन्य भारतीय भाषाओं के प्रति सम्मान और स्वीकार्यता ही इसकी वास्तविक शक्ति है। प्रधान वैज्ञानिक डॉ. पी.के. सिंह ने कहा कि विविधता में एकता तथा राष्ट्रीय पहचान को सुदृढ़ करने में हिंदी की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि इंटरनेट एवं सूचना प्रौद्योगिकी के बढ़ते उपयोग से हिंदी के प्रयोग के नए अवसर सृजित हुए हैं, जिससे हिंदी की प्रासंगिकता और बढ़ी है। उन्होंने हिंदी सप्ताह के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं गतिविधियों की जानकारी भी दी। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. योगिता घरड़े ने किया तथा आभार प्रदर्शन प्रभारी राजभाषा श्री एम.के. मीणा द्वारा किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में राजभाषा समिति एवं विभिन्न समितियों के सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। समारोह में निदेशालय के समस्त वैज्ञानिक, अधिकारी, कर्मचारी एवं छात्र उपस्थित रहे।