Productivity week organized by ICAR-DWR at Khairi village   (16-02-2019)


खरपतवार अनुसंधान निदेशालय, जबलपुर द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर दिनांक 12-18 फरवरी 2019 तक मनाये जा रहे राष्ट्रीय उत्पादकता सप्ताह के अन्तरगत दिनांक 16 फरवरी, 2019 को प्रक्षेत्र दिवस व किसान गोष्ठी का अयोजन ग्राम खैरी पाटन में किया गया। राष्ट्रीय उत्पादकता सप्ताह के अवसर पर किसानों को कृषि से सवंधित जानकारी प्रदान कर उन्हें जागरूक किया जाता है ताकि वे कम खर्च में ज्यादा उत्पादन प्राप्त कर अपनी आय को बढा सकें। इस कार्यक्रम में लगभग 100 महिला व पुरुष कृषकों ने भाग लिया जिसमें पाटन एवं पनागर क्षेत्रों के किसानों के अलावा कृषि वैज्ञानिकों व तकनीकी अधिकारियों भी उपस्थिति रही।

डॉ. पी.के. सिंह, निदेशक, खरपतवार अनुसंधान निदेशलय ने अपने उद्बोधन में मृदा स्वास्थ्य हेतु संतुलित पोषक तत्वो के उपयोग पर जोर दिया, साथ ही खाद्यान्न उत्पादन बढाने हेतु कृषकों को तकनीकी जानकारी के साथ संरक्षित खेती अपनाने व खेतो मे होने वाले खरपतवारों तथा फसल अवशेषो से खाद बनाने की विधि के बारे में बताया तथा इनके उपयोग से मृदा की उर्वरक शक्ति बढाने के लिये कृषकों से अपील भी की तथा वेस्ट एवं रेजिडयु प्रबंधन के साथ साथ जलाशयों के स्वच्छ रखने की तकनिकियों पर भी चर्चा की। डॉ. सिंह ने बताया कि निदेशालय द्वारा विगत 12 वर्षों से विभिन्न गांवों में चलाये जा रहे संरक्षित कृषि आधारित कार्यक्रमों से कम लागत से खाद्यान्न उत्पादन बढ रहा है। आज खाद्यान्न उत्पादन बढाना और कृषि लागत कम करना हमारा मुख्य उद्वेश्य हैं।

डॉ.आर.पी. दुबे प्रधान वैज्ञानिक ने सबका स्वागत करते हुये रसायनो के स्प्रे की विभिन्न विधियों के बारे में विस्तार से बताया साथ ही मृदा में रसायनो के उपयोग से होने वाले प्रदुषण को रोकने जानकारी प्रदान की। निदेशालय के वैज्ञानिक इंजी..चेतन द्वारा रसायनो के स्प्रे की विभिन्न विधियों का प्रदर्शन उपस्थित कृषकों को दिखया। कार्यक्रम में डॉ. सुशील कुमार, डॉ. योगिता, डॉ. वी.के.चौधरी, डॉ.सुभाष, एवं डॉ.घोष द्वारा भी अपने अनुभव किसानो से साझा किये। कार्यक्रम का संचालन एवं आभार डॉ. वी.के. चौधरी द्वारा किया गया।

Our Mission

खरपतवार सम्बंधित अनुसंधान व प्रबंधन तकनीकों के माध्यम से देश की जनता हेतु उनके आर्थिक विकास एंव पर्यावरण तथा सामाजिक उत्थान में लाभ पहुचाना।

"To Provide Scientific Research and Technology in Weed Management for Maximizing the Economic, Environmental and Societal Benefits for the People of India."

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Last Updated : Jul 19, 2019