Safe and judicious use of agro-chemical through integrated management   (27 December, 2016)


भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के खरपतवार अनुसंधान निदेशालय, महाराजपुर में हिन्दुस्तान इन्सेक्सिटसाइड लिमिटेड (एच.आई.एल.) के वित्तीय सहयोग से दिनांक 27 दिसम्बर, 2016 को “समन्वित प्रबंधन द्वारा कृषि रसायनों के संतुलित एवं सुरक्षित प्रयोग” पर किसानों के लिये प्रषिक्षण एवं परिचर्चा का आयोजन किया गया इस कार्यक्रम में जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, मण्डला, अनूपपुर एवं सिवनी जिलों से आये लगभग 200 से अधिक कृषक बंधुओं ने भाग लिया। सर्वप्रथम इस कार्यक्रम के संयोजक डा. पी.के. सिंह, प्रधान वैज्ञानिक, ख.अनु.निदे. ने कार्यक्रम के उद्देष्य से सभी किसानों भाईयों को अवगत कराया।

डा. साईं दास, सलाहकार, एच.आई.एल. ने इस कार्यक्रम की उपयोगिता पर प्रकाष डालते हुये किसानों को इस कार्यक्र्रम में सम्मिलित होने हेतु धन्यवाद दिया। इसके पष्चात् श्री अजीत वर्मा, प्रबंधक, एच.आई.एल. ने कम्पनी के बारे में तथा कीटनाषकों के अंधाधुंध प्रयोग के दुष्प्रभावों से किसानों को अवगत कराया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं निदेषालय के निदेषक डा. ए.आर. शर्मा ने स्वागत उद्बोधन के साथ ही निदेषालय की विभिन्न गतिविधियों से सभी को परिचित कराया। विषेषकर निदेषालय द्वारा चलाये जा रहे प्रसार कार्यक्रम जिसमें किसानों के हित में उनके प्रक्षेत्र में निदेषालय के वैज्ञानिकों द्वारा प्रदर्षन कार्यक्रम आयोजित किये जाते है। कार्यकंम के दौरान कृषक बंधुओं को कृषि रसायनों के संतुलित एवं सुरक्षित प्रयोग विषय पर तैयार कि गई फिल्म दिखाकर जागरुक किया गया एवं कीटनाषकों के सुरक्षित छिडकाव के लिए सुरक्षा किट भी प्रदान की गई।

इस कार्यक्रम में विषेषज्ञ के रूप में डा. एस.एन. सिंह, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, पौधरोग विज्ञान विभाग, ज.ने.कृ.वि.वि., जबलपुर एवं डा. ए.के. भौमिक, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, कीट शास्त्र, ज.ने.कृ.वि.वि., जबलपुर, ने कीटनाषकों के संतुलित उपयोग पर किसानों से चर्चा की। इस कार्यक्रम में निदेशालय के विभिन्न वैज्ञानिकों डा. आर.पी. दुबे एवं डा. शोभा सोंधिया ने संबंधित विषयों पर किसानों से परिचर्चा की।

Our Mission

खरपतवार सम्बंधित अनुसंधान व प्रबंधन तकनीकों के माध्यम से देश की जनता हेतु उनके आर्थिक विकास एंव पर्यावरण तथा सामाजिक उत्थान में लाभ पहुचाना।

"To Provide Scientific Research and Technology in Weed Management for Maximizing the Economic, Environmental and Societal Benefits for the People of India."

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Last Updated : Nov 01, 2019